[मध्यप्रदेश में जनजातियों की स्थिति] मध्यप्रदेश में जनजातियों का भौगोलिक वितरण-: पश्चिमी जनजाति क्षेत्र-: दक्षिणी जनजाति क्षेत्र-: पूर्वी जनजाति क्षेत्र-: उत्तरी जनजाति क्षेत्र-: मध्यप्रदेश में पाई जाने वाली प्रमुख जनजातियां-: [भील जनजाति] भीलों की विशेषताएं-: शारीरिक विशेषता-: सामाजिक एवं सांस्कृतिक विशेषताएं-: आर्थिक विशेषता-: भील जनजाति की प्रमुख उपजातियां- [गोंड जनजाति] गोंड जनजाति की विशेषताएं-: शारीरिक विशेषता-: सामाजिक एवं सांस्कृतिक विशेषताएं-: आर्थिक विशेषता-: [अगरिया जनजाति] पारधी जनजाति-: [कोरकू जनजाति] कोरकू जनजाति की विशेषताएं-: शारीरिक विशेषता-: सामाजिक एवं सांस्कृतिक विशेषताएं-: आर्थिक विशेषता-: [कोल जनजाति] गोंड जनजाति की विशेषताएं-: शारीरिक विशेषता-: सामाजिक एवं सांस्कृतिक विशेषताएं-: आर्थिक विशेषता-: कोल जनजाति जनसंख्या की दृष्टि से मध्य प्रदेश की तीसरी सबसे बड़ी जनजाति है जो मध्य प्रदेश के मध्य भाग में में प्रमुखत: रीवा, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, सतना जिलों में निवासरत है। मध्य प्रदेश की विशिष्ट आपदाग्रस्त (संवेदनशील)जनजातियां-: [बैगा जनजाति] बैगा जनजाति की विशेषताएं-: शारीरिक विशेषता-: सामाजिक विशेषताएं-: आर्थिक विशेषता-: भौगोलिक वितरण-: [भारिया जनजाति] भारिया जनजाति की विशेषताएं-: सामाजिक एवं सांस्कृतिक स्थिति-: धार्मिक स्थिति-: आर्थिक स्थिति -: भौगोलिक वितरण-: भारिया की प्रमुख समस्याएं-: [सहरिया जनजाति] सहरिया जनजाति की विशेषताएं-: शारीरिक विशेषता-: सामाजिक एवं सांस्कृतिक स्थिति-: आर्थिक स्थिति -: भौगोलिक वितरण-: इनकी प्रमुख समस्याएं