नाइट कल्चर / night culture

नाइट कल्चर -: अर्थ -: दिन के साथ-साथ रात के समय भी आर्थिक, सांस्कृतिक तथा मनोरंजन कार्य गतिविधियों को जारी रखने का कल्चर।  नाइटलाइफ-पश्चिमी सभ्यता के शहरों में रात के समय विभिन्न बार, पब, क्लव , नाइट पार्टी का प्रचलन रहता है, जिसे नाइट लाइफ कहा जाता है। (जबकि नाइट कलर में रात के समय…

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व्यक्तित्व

व्यक्तित्व व्यक्तित्व :- व्यक्तित्व के घटक या पक्ष व्यक्तित्व के प्रकार अंतर्मुखी(introvert):- बहिर्मुखी(extrovert):- उभयमुखी:- गीता के अनुसार व्यक्तित्व के प्रकार समग्र व्यक्तित्व-: समग्र व्यक्तित्व की विशेषताएं व्यक्तित्व विकास के घटक मानव व्यक्तित्व को प्रभावित करने वाले कारक-: जैविक कारक- पर्यावरणीय कारक राष्ट्रीय विकास अर्थ -: राष्ट्रीय विकास के स्तंभ राष्ट्रीय विकास को प्रभावित करने वाले कारक- व्यक्तित्व विकास से राष्ट्र विकास का संबंध-:

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ग्रामीण नेतृत्व एवं गुटबाजी . ग्रामीण नेतृत्व-: मेकओवर एवं पेज के अनुसार- “नेतृत्व से हमारा अभिप्राय लोगों को प्रोत्साहित करने या निर्देशित करने की क्षमता से है, जो व्यक्तिगत गुणों से उत्पन्न होती है” ग्रामीण नेतृत्व की विशेषताएं-: ग्रामीण नेतृत्वकर्ता सामान्यतः उच्च जाति का होता है।  ग्रामीण नेतृत्वकर्ता पांच या सरपंच आदि  पदाधिकारी होता है। …

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विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारतीय वैज्ञानिकों का योगदान

[विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारतीय वैज्ञानिकों का योगदान]
[जगदीश चंद्र बसु]
[प्रफुल्ल चंद्र राय]
श्रीनिवास रामानुजन
[चंद्रशेखर वेंकटरमन]
[सत्येंद्र नाथ बोस]
[मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया]
डॉ. होमी जहांगीर भाभा
[विक्रम अंबालाल साराभाई]
[सुब्रमण्यन चंद्रशेखर]
परमाणु वैज्ञानिक राजा रामन्ना
[हरगोविंद खुराना]
[ए.पी.जे. अब्दुल कलाम]

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मुहावरा एवं कहावतें/muhavre avm lokokti

[मुहावरा एवं कहावतें] हिंदी में मुहावरे का अर्थ- मुहावरे की विशेषताएं मुहावरों का महत्व कहावतें:- लोकोक्ति की विशेषताएं मुहावरे एवं लोकोक्तियां में समानताएं मुहावरे एवं लोकोक्तियां में असमानताएं कहावतों का महत्व [प्रमुख मुहावरे एवं उनके प्रयोग

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उपसर्ग एवं प्रत्यय- upsarg, pratyay

[उपसर्ग एवं प्रत्यय] उपसर्ग-: उपसर्ग के प्रयोग से मूल शब्द से तीन प्रकार के शब्द बनते हैं उपसर्ग की पहचान प्रमुख उपसर्ग .)संस्कृत उपसर्ग 2)हिंदी उपसर्ग–: प्रत्यय प्रत्यय के प्रकार-: कृत प्रत्यय तद्धित प्रत्यय:-

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अलंकार/alankar

[अलंकार] अलंकार के भेद-: शब्दालंकार-: शब्दालंकार के भेद-: अर्थालंकार-: अर्थालंकार के भेद-: उभयालंकार-: शब्दालंकार के भेद-: अनुप्रास अलंकार-: छेकानुप्रास-: वृत्यानुप्रास-: लाटानुप्रास-: श्रुत्यानुप्रास-: अन्त्यानुप्रास-: यमक अलंकार-: श्लेष अलंकार-: अर्थालंकार-: उपमा अलंकार-: रूपक अलंकार-: उत्प्रेक्षा अलंकार-: उपमा अलंकार और रूपक अलंकार में अंतर

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समास

[ समास] समाज के पद पूर्व पद-: उत्तर पद-: सामासिक पद-: समास विग्रह-: संधि और समास में अंतर समाज की विशेषताएं -: समास के प्रकार-: अव्ययीभाव समास-: विशेषताएं-: प्रधान/अव्यय पद सामासिक पद समास विग्रह समास का नाम तत्पुरुष समास-: विशेषताएं तत्पुरुष समास के भेद कर्म तत्पुरुष समास-: करण तत्पुरुष समास-: संप्रदान तत्पुरुष समास-: अपादान तत्पुरुष समास-: संबंध तत्पुरुष समास-: अधिकरण तत्पुरुष समास-: Note -: नञ् तत्पुरुष समास – : कर्मधारय समास-: विशेषताएं-: कर्मधारय समास-: द्वंद्व समास-: द्वंद्व समास की विशेषताएं-: बहुव्रीहि समास-: विशेषताएं-: कर्मधारय समास और बहुव्रीहि समास में अंतर-: द्विगु समास और बहुव्रीहि समास में अंतर-: द्विगु समास और कर्मधारय समास में अंतर-:

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मध्य प्रदेश के साहित्यकार

मध्यप्रदेश में साहित्य साहित्य-: काव्य-: काव्य के भेद-: मध्यप्रदेश में साहित्य एवं साहित्यकार प्राचीन साहित्यकार-: महाकवि कालिदास-: उनकी प्रमुख रचनाएं-: महाकाव्य-: खंडकाव्य-: नाटक-: कवि भतृहरि-: उनकी प्रमुख रचनाएं निम्नलिखित-: भवभूति-: बाणभट्ट-: उनकी रचनाएं-: [मध्यकालीन साहित्यकार] केशवदास-: उनकी प्रसिद्ध रचनाएं-: भूषण-: उनकी प्रमुख रचनाएं निम्नलिखित हैं-: पद्माकर-: उनकी प्रमुख रचनाएं-: राजा भोज-: उनकी रचनाएं निम्नलिखित हैं- [मध्यप्रदेश के आधुनिक साहित्यकार] पंडित माखनलाल चतुर्वेदी-: उनकी प्रमुख रचनाएं निम्नलिखित हैं- सुभद्रा कुमारी चौहान-: उनकी प्रमुख रचनाएं-: गजानन माधव मुक्तिबोध-: बालकृष्ण शर्मा नवीन-: उनकी रचनाएं-: पंडित हरिशंकर परसाई-: प्रमुख रचनाएं-: शरद जोशी-: उनकी रचनाएं-: मुल्लाह रामोजी-: शिवमंगल सिंह सुमन-: उनकी प्रमुख रचनाएं हैं-: भवानी प्रसाद मिश्र-: कवि प्रदीप-: कवि प्रदीप की प्रमुख रचनाएं -: प्रमुख रचनाएं निम्नलिखित-: [मध्य प्रदेश के लोक साहित्यकार] महाकवि जगनिक-: ईसुरी-: घाघ दुबे-: [लोक साहित्य] लोक साहित्य की विशेषताएं-: